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28 October, 2026
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न्यायमूर्ति संजीव खन्ना ने भारत के 51वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में शपथ ली
Justice Sanjiv Khanna sworn in as the 51st Chief Justice of India (CJI)
मुख्य सारांश: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने न्यायमूर्ति संजीव खन्ना को भारत के 51वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ दिलाई। उनका कार्यकाल 13 मई 2025 तक रहेगा। वे राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के कार्यकारी अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
<h3>1. 51वें मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति व संवैधानिक प्रक्रिया</h3>
<p>भारत के संविधान के <strong>अनुच्छेद 124(2)</strong> के अंतर्गत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने न्यायमूर्ति संजीव खन्ना को भारत के 51वें मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India - CJI) के रूप में शपथ दिलाई। वे पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ की सेवानिवृत्ति के उपरांत इस सर्वोच्च न्यायिक पद पर आसीन हुए हैं। न्यायमूर्ति खन्ना का कार्यकाल <strong>13 मई 2025</strong> तक लगभग छह माह का रहेगा। परंपरा के अनुसार निवर्तमान मुख्य न्यायाधीश ही अपने वरिष्ठतम सहयोगी के नाम की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजते हैं।</p>
<h3>2. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम प्रणाली (Collegium System)</h3>
<p>भारत में उच्च न्यायालयों और सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति 'कॉलेजियम प्रणाली' के माध्यम से होती है, जिसका संविधान में प्रत्यक्ष उल्लेख नहीं है, बल्कि यह तीन प्रसिद्ध 'जजेस केसेज' (Three Judges Cases: 1981, 1993, 1998) के निर्णयों से विकसित हुई है:</p>
<ul>
<li><strong>सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम संरचना:</strong> इसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) तथा सर्वोच्च न्यायालय के <strong>चार अन्य वरिष्ठतम न्यायाधीश</strong> (कुल 5 सदस्य) शामिल होते हैं।</li>
<li><strong>हाई कोर्ट कॉलेजियम:</strong> संबंधित उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश तथा दो वरिष्ठतम न्यायाधीश शामिल होते हैं।</li>
<li><strong>कार्य:</strong> न्यायाधीशों के स्थानांतरण (Transfer) तथा सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट में जजों की पदोन्नति/नियुक्ति हेतु नामों की सिफारिश सरकार को भेजना।</li>
</ul>
<h3>3. ऐतिहासिक निर्णय व विधिक योगदान</h3>
<p>न्यायमूर्ति संजीव खन्ना कई ऐतिहासिक संविधान पीठ के निर्णयों का हिस्सा रहे हैं, जिनमें <strong>इलेक्टोरल बॉन्ड योजना (चुनावी बांड) को असंवैधानिक घोषित करना</strong>, अनुच्छेद 370 को निरस्त करने की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखना, ईवीएम-वीवीपैट (EVM-VVPAT) 100% पर्चियों के मिलान की याचिका का निपटारा तथा केंद्रीय सूचना का अधिकार (RTI) के दायरे में मुख्य न्यायाधीश के कार्यालय को लाना शामिल है। वे राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में वंचित वर्गों को मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराने हेतु भी सक्रिय रहे हैं।</p>
<p>भारत के संविधान के <strong>अनुच्छेद 124(2)</strong> के अंतर्गत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने न्यायमूर्ति संजीव खन्ना को भारत के 51वें मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India - CJI) के रूप में शपथ दिलाई। वे पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ की सेवानिवृत्ति के उपरांत इस सर्वोच्च न्यायिक पद पर आसीन हुए हैं। न्यायमूर्ति खन्ना का कार्यकाल <strong>13 मई 2025</strong> तक लगभग छह माह का रहेगा। परंपरा के अनुसार निवर्तमान मुख्य न्यायाधीश ही अपने वरिष्ठतम सहयोगी के नाम की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजते हैं।</p>
<h3>2. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम प्रणाली (Collegium System)</h3>
<p>भारत में उच्च न्यायालयों और सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति 'कॉलेजियम प्रणाली' के माध्यम से होती है, जिसका संविधान में प्रत्यक्ष उल्लेख नहीं है, बल्कि यह तीन प्रसिद्ध 'जजेस केसेज' (Three Judges Cases: 1981, 1993, 1998) के निर्णयों से विकसित हुई है:</p>
<ul>
<li><strong>सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम संरचना:</strong> इसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) तथा सर्वोच्च न्यायालय के <strong>चार अन्य वरिष्ठतम न्यायाधीश</strong> (कुल 5 सदस्य) शामिल होते हैं।</li>
<li><strong>हाई कोर्ट कॉलेजियम:</strong> संबंधित उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश तथा दो वरिष्ठतम न्यायाधीश शामिल होते हैं।</li>
<li><strong>कार्य:</strong> न्यायाधीशों के स्थानांतरण (Transfer) तथा सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट में जजों की पदोन्नति/नियुक्ति हेतु नामों की सिफारिश सरकार को भेजना।</li>
</ul>
<h3>3. ऐतिहासिक निर्णय व विधिक योगदान</h3>
<p>न्यायमूर्ति संजीव खन्ना कई ऐतिहासिक संविधान पीठ के निर्णयों का हिस्सा रहे हैं, जिनमें <strong>इलेक्टोरल बॉन्ड योजना (चुनावी बांड) को असंवैधानिक घोषित करना</strong>, अनुच्छेद 370 को निरस्त करने की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखना, ईवीएम-वीवीपैट (EVM-VVPAT) 100% पर्चियों के मिलान की याचिका का निपटारा तथा केंद्रीय सूचना का अधिकार (RTI) के दायरे में मुख्य न्यायाधीश के कार्यालय को लाना शामिल है। वे राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में वंचित वर्गों को मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराने हेतु भी सक्रिय रहे हैं।</p>
English Detailed Coverage:
Justice Sanjiv Khanna has been elevated as the 51st Chief Justice of India. During his tenure at the Supreme Court, he has authored significant constitutional bench verdicts including on Electoral Bonds, Article 370 abrogation validation, and EVM-VVPAT verification.
EXAM MCQ QUESTION
Target: SSC, Railway & State Exams
भारत के 51वें मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India) के रूप में किसने शपथ ग्रहण की?
A
न्यायमूर्ति संजीव खन्ना
B
न्यायमूर्ति बी.आर. गवई
C
न्यायमूर्ति सूर्यकांत
D
न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़
उत्तर व्याख्या: न्यायमूर्ति संजीव खन्ना ने 11 नवंबर 2024 को भारत के 51वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में शपथ ली। वे न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ के उत्तराधिकारी बने।