महाकुंभ 2025 प्रयागराज: उत्तर प्रदेश सरकार ने AI फेशियल रिकग्निशन और डिजिटल क्राउड कंट्रोल तैनात किया
1. महाकुंभ 2025: वैश्विक आयाम व आयोजन अवधि
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में प्रत्येक 12 वर्ष में आयोजित होने वाला महाकुंभ 13 जनवरी 2025 (पौष पूर्णिमा) से 26 फरवरी 2025 (महाशिवरात्रि) तक 45 दिनों के लिए आयोजित होगा। इस महाआयोजन में देश-विदेश से 45 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आगमन का अनुमान है। यूनेस्को (UNESCO) द्वारा मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर (Intangible Cultural Heritage) घोषित कुंभ मेला इस बार 'स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित कुंभ' के संकल्प के साथ आयोजित हो रहा है।
2. अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) व डिजिटल सुरक्षा तंत्र
मेला क्षेत्र को 25 सेक्टरों में विभाजित कर इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) से जोड़ा गया है। भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा हेतु निम्नलिखित तकनीकों का उपयोग हो रहा है:
- AI फेशियल रिकग्निशन कैमरे (FRC): मेला क्षेत्र में 2,700 से अधिक हाई-टेक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो एआई-आधारित भीड़ घनत्व ट्रैकिंग (Crowd Density Heatmaps) और संदिग्धों की रियल-टाइम पहचान करते हैं।
- डिजिटल खोया-पाया केंद्र (Bhashini AI): कुंभ मेले में बिछड़े परिजनों को तुरंत मिलाने के लिए भारत सरकार के 'भाषिणी' (Bhashini) एआई अनुवादक का उपयोग किया जा रहा है, जो तमिल, तेलुगु, बंगाली, मराठी सहित 14 भारतीय भाषाओं में वॉयस रिकग्निशन के जरिए काम करता है।
- ड्रोन आधारित 24x7 जल निगरानी: संगम और गंगा-यमुना के घाटों पर लाइफ जैकेट से लैस रेस्क्यू ड्रोन तैनात किए गए हैं।
3. कनेक्टिविटी व ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर
श्रद्धालुओं की सुगम यात्रा हेतु मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबा 'गंगा एक्सप्रेसवे' तैयार किया जा रहा है, जो उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे है। इसके अतिरिक्त प्रयागराज एयरपोर्ट पर नया टर्मिनल, 9 नए रेलवे ओवरब्रिज और 150 से अधिक विशेष कुंभ ट्रेनों का संचालन भारतीय रेलवे द्वारा किया जा रहा है। संगम के जल की शुद्धता बनाए रखने हेतु 72 से अधिक नालों को बायो-रेमेडिएशन तकनीक से शोधित किया गया है।